How more problems i have to face ? और कितने मुसीबत झिलना पड़ेगा मुझे ?

आप खुदको कभी ऐसे सवाल किए हो, कि और कितने मुसीबत झीलना पड़ेगा मुझे। जरूर किए होंगे। आप अकेले नहीं करते हैं, हर कोई एसे ही करते हैं। एक बार सोचिए, आप ये कब करते हो। जब आप बहत ज्यादा मुसीबत में पड़ जाते हो, है ना। बहत ज्यादा मतलब, मतलब जब आपके सामने हर तरह कि मुसीबत खड़ी हो जाती है, तब करते हो।
               ये समय में आप क्या करते हैं। इस समय आप अपने आपको और आपका किस्मत को ताने देने लगते हो। क्या में सही नहीं बोल रहा हूं। ये आप अकेले नहीं करते हैं, ये हर कोई करते हैं। क्या हम हमारा किस्मत को ताने देने से हर उसीबत दूर हो जाता है। कभी नहीं। अब आप ये सोच रहे होंगे कि क्या करना चाहिए। इस समय आप क्या करेंगे ये तो में पूरी तरह से बता नहीं पाऊंगा, लेकिन एक बात जरूर बोलूंगा जो ये सारे मुसीबत को झिलने के लिए आपका हौसला बढ़ा सकता है। चलिए ये सारे बातें हम एक छोटीसि कहानी के माध्यम से जानेंगे।

            एक छोटी सी गांव में  एक किसान था। उसके साथ उसका बीबी और दो बच्चे भी थे। वो हर दिन खेत में काम करता था। लेकिन वो कभी खुश नहीं रहे पता था,  ये सोच के  कि  मेरे साथ कुछ अच्छा नहीं हो रहा है। में हमेशा मुसीबत में  हूं और मेरे कभी मुसीबत ख़तम नहीं हो रहा है। वो हमेशा चिंतित रहता था। उसका सारे मुसीबत केलिए वो हमेशा अपना किस्मत को ताने देता रहता था।
            एक दिन किसान का बीबी उसको बोला कि दूसरे गांव में  एक ऋषि रहते हैं, हो सकता है वो हमारा कुछ मदत कर सकते हैं। किसान उसका बीबी की बात मानते हुए एक दिन वो ऋषि के पास गया। 
            ऋषि को देखकर किसान ऋषि को प्रणाम किया। ऋषि तपस्या भंग करके  किसान को बोले की  "में तुम्हारा क्या सहायता कर सकता हूं  "। किसान बोला कि में हमेशा मुसीबत में रहता हूं। कभी भी  मेरा ऐसा एक भी दिन नहीं आए जब में मुसीबत में ना हूं।
किसान ने बोला कि मुझे कुछ ऐसा तरीका बताइए जैसे की मेरा सारे मुसीबत ख़तम हो जाए। में सब कुछ करने केलिए पूरी तरह से तैयार हूं।
         ऋषि ने किसान की बात सुनते हुए बोले "ठीक है, आज तुम रात को यहीं पर रहना"। किसान ऋषि के बात मान लिया।
         रात हुआ, ऋषि किसान का खाने पीने की  बंदोबस्त कर दिए और बोले की "हमारा ५० से भी ज्यादा उंट है, तुम खाने के बाद जब  सारे उंट सो जाए खुद सो जाना "। ऋषि किसान को ये बोल के खुद सोले केलिए चले गए।
         किसान खाने के बाद उंट को सोने केलिए चला गया। किसान सारे उंट सो जाने तक इंतेजार किया और देखा कि, जब एक उंट सो जाता है ,एक उंट खड़ा हो जाता है। फिर जब एक सो जाता है, दो उंट खड़े हो जाते हैं। रात भर ये सिलसिला जारी रहा। एक उंट खड़े हो जाता है , तो एक उंट एक उंट खड़ा हो जाता है। ऐसा समय कभी आया नहीं कि सारे उंट एक साथ सो गए। तो इसलिए किसान भी रात सो नहीं पाया।
         सुबह ऋषि किसान के पास आए 
ऋषि - कल रात को नींद केसा हुआ, उम्मीद करता हूं कि अच्छा होगा।
किसान - कल रात भर तो में सोया ही नहीं, नींद तो कन्ही दूर की बात।
ऋषि - क्यों, क्या हुआ ?
किसान - आप के कहने के मुताबिक सारे उंट तो एक साथ सोए नहीं, तो में केसे सो सकता।
जब एक उंट सो जाता है तो दूसरे उंट खड़े हो जाते हैं। फिर जब एक सो जाता है तो दूसरे कोई खड़ा हो जाता है।
    अब ऋषि ने बोले  "जैसे सारे उंट एक साथ सो नहीं जाते हैं, ठीक उसी तरह हमारा ज़िंदेगी में कभी सारे मुसीबत एक साथ ख़तम भी हो जाता है "। जब एक मुसीबत दूर हो जाता है, तो और एक आ जाता है। फिर जब वो चला जाता है , कोई और खड़े हो जाता है। मुसीबत हमारा ज़ींदेगी में हमेशा रहेगा। लेकिन हमको ये सारे मुसीबत के ऊपर ध्यान केंद्रित ना करके , केसे उसको दूर किया जा सकता है ,अगर उसका योजना करेंगे तो हम अच्छे से ज़िंदेगि को जी पाएंगे।
        किसान को ये सारे  बातें समझ में आ गया। यो ऋषि को धन्यवाद देकर घर लौट गया और  तब से सारे मुसीबत होते हुए भी यो उसका समाधान खोजा और हमेशा खुश रहा।
         ये छोेटिसी कहानी हमको बहत कुछ सीखता है कि हमारा ज़िंदेगि में कभी सारे मुसीबतें ख़तम नहीं होगा। हम जब एक को समाधान करेंगे तो दूसरा खड़ा हो जाएगा, जब उसको भी समाधान कर देंगे और एक नई खड़ी हो जाएगी। हमको ये सारे मुसीबत के बाबजूद भी खुश रहना पड़ेगा, तभी तो हम कामयाब होंगे।
        ये कहानी आपको केसे लगा नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जरूर लिखना साथ साथ हमारे साथ जुड़े रहिए। यहां तक पढ़ने केलिए आपका बहत बहत धन्यवाद।
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JAY BHARAT 🇮🇳
      
                   

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